Dimple Kapadia: डिम्पल कपाडिया की बात से जब बेहद खफा हो गए थे राजेश खन्ना, अभिनेत्री को कह दी थी बड़ी बात

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Dimple Kapadia

Dimple Kapadia: बॉलीवुड इंडस्ट्री अभिनेत्री डिम्पल कपाडिया इस नाम को आज के समय में किसी भी पहचान या इंट्रोडक्शन की जरुरत नहीं है।साल 1973 में डिम्पल कपाडिया ने राजेश खन्ना से शादी करली थी। दोनों की मुलाकात शादी से एक महीने पहले ही हुई थी और उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया था।

राजेश से शादी के बाद डिंपल ने एक्टिंग से संन्यास ले लिया था। शादी के बाद इनके परिवार में दो बेटियों- ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना का जन्म हुआ। इस दौरान इनकी शादीशुदा जिंदगी में कुछ कड़वाहट घुलने लग गई थी और दोनों ही अलग रहने लगे थे। रिश्तों में भले खटास घुल गई थी, लेकिन राजेश खन्ना को डिंपल कपाड़िया सपोर्ट करती रहीं। लेकिन, एक बार कुछ ऐसा हुआ कि राजेश खन्ना का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया।

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डिम्पल कपाडिया ने खोला था राज

आपको बता दें कि एक पुराने इंटरव्यू में डिंपल कपाड़िया ने ‘बॉबी’ फिल्म के बाद करियर छोड़ने के अपने फैसले पर बात की थी। इस दौारन उन्होंने राजेश खन्ना से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। 1990 में आई फिल्म ‘जय शिव शंकर’ में दोनों को साथ देखा गया था।

डिंपल कपाड़िया ने उस फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म अच्छी चल रही थी, लेकिन कुछ आर्थिक समस्याएं थीं। डिंपल कपाड़िया ने आगे कहा,’एक बार जब हम शूटिंग कर रहे थे, तब काका की तबीयत ठीक नहीं थी और उन्हें बालकनी में आकर प्रेस से मुलाकात करते हुए हाथ हिलाना था। मैंने उन्हें अपना शॉल और धूप का चश्मा दिया और बड़ी विनम्रता से कहा, ‘काकाजी, जब आप बाहर जाएं, तो सीधे न देखें, आपकी साइड प्रोफाइल बेहतर दिखती है’।

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Dimple Kapadia:

राजेश खन्ना को आया था गुस्सा | Dimple Kapadia

अभिनेत्री ने आगे बताया, ‘मेरे यह कहने पर उन्होंने बस मेरी तरफ देखा और सख्ती से कहा, ‘अब तुम मुझे सिखाओगे?’ मैं बहुत डर गई, मैंने हाथ जोड़कर माफी मांगी’। डिंपल  कपाड़िया ने राजेश खन्ना के स्टारडम और फिर उसमें आई गिरावट पर भी कई बार बात की है।

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था, ‘यह मेरी जिंदगी में पहली बार असफलता का सामना था, जब कोई सफल व्यक्ति टूट जाता है तो उसकी हताशा पूरे परिवेश को घेर लेती है। यह एक दयनीय दृश्य था, जब राजेश सप्ताह के अंत में कलेक्शन के आंकड़ों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन लोगों में हिम्मत नहीं थी कि वे आकर उन्हें बता सकें’।