Supreme Court: सड़क दुर्घटना मामले में सुप्रीम कोर्ट का ‘सुप्रीम’ आदेश, HC के आदेश को किया रद्द

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Supreme Court's 'Supreme' order in road accident case

Supreme Court: 2018 में सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को मुआवजे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के परिजनों को 50 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा दिए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और पीड़ित के परिवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश ‘अजीब’ था – सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस बी आर गवई एवं के वी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश ‘अजीब’ था। बेंच ने कहा, ‘‘हमें आश्चर्य है कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 173 के तहत दायर पहली अपील में, हाई कोर्ट ने मामले को नजरअंदाज कर दिया और एक संक्षिप्त आदेश द्वारा एमएसीटी द्वारा पारित फैसले को पलट दिया।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिनियम की धारा 173 के तहत अपील, पहली अपील की प्रकृति की थी और (हाई कोर्ट द्वारा) ‘कम से कम’ यह अपेक्षित था कि एमएसीटी के समक्ष रखे गए ‘मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण’ किया जाए।

तेज रफ्तार ट्रक ने कार को मारी थी टक्कर

बता दें कि पीड़ित मैहर तहसील में सहायक पोस्ट मास्टर के रूप में काम कर रहा था और 18 जून, 2018 को घर वापस लौटते समय वह गाड़ी चला रहा था, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी कार को टक्कर मार दी। दावेदारों ने कहा कि उसे रीढ़ की हड्डी टूटने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसी दिन उसकी मौत हो गई। एमएसीटी द्वारा पीड़ित के परिवार के सदस्यों को मुआवजा दिए जाने के बाद, बीमा कंपनी ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।

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