ChatGPT बनाने वाले सैम अल्टमैन ने PM मोदी से की मुलाकात, जानें किस मुद्दे पर हुई बात?

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OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन भारत दौरे पर हैं। बीते बुधवार को सैम भारत पहुंचे और भारत के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। एआई को लेकर बातें हुईं साथ ही भारत में एआई को अपनाने और रेगुलेशन की आवश्यकता पर चर्चा भी हुई। OpenAI के सीईओ सैम अल्टमैन ने गुरुवार को ट्विट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कुछ जरुरी सुझाव भी दिया। अल्टमैन ने कहा कि कंपनी को केवल एआई के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। इंडस्ट्री में सेल्फ रेगुलेशन होना बहुत जरूरी है। इंटस्ट्री को एआई के भरोसे छोड़ने पर दिक्कत हो सकती है।

बता दें कि चैट जीपीटी एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉट है जो कि गूगल के सर्च इंजन की तरह ही काम करता है। चैट जीपीटी पूर्णतः AI सिस्टम पर काम करता है। अर्थात आपके द्वारा पूछे गए प्रश्नों को यह तुरंत टाइप कर आपके सामने प्रस्तुत कर देगा।

पीएम मोदी ने भी किया ट्विट

अल्टमैन ने बताया कि मोदी के साथ भारत में AI के अवसरों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “हमने देश (भारत) के सामने अवसरों के बारे में बात की, देश को क्या करना चाहिए इस पर भी बात की। ग्लोबल रेगुलेशन की जरूरत पर भी सोचने की जरूरत है, लेकिन यह एक अच्छा समय था।” वहीं पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी है। पीएम मोदी ने लिखा, “हम सभी सहयोगों का स्वागत करते हैं जो हमारे नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए हमारे डिजिटल परिवर्तन को गति दे सकते हैं।” गौरतलब है कि यह बैठक एक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत सरकार एक डिजिटल इंडिया बिल में AI को रेगुलेट करना चाहती है। इस विधेयक को आईटी एक्ट से बदल दिया जाएगा।

भारत के IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के साथ है मतभेद

बता दें कि अल्टमैन इन दिनों भारत के दौरे पर हैं और इस दौरान वह भारत के AI प्रोग्राम पर बात कर रहे हैं। अल्टमैन ने पहले AI को रेगुलेट करने के लिए एक इंटरनैशनल अथॉरिटी बनाने का सुझाव दिया था। इस पर भारत के IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के उनसे मतभेद हैं। चंद्रशेखर ने कहा था, ‘सैम अल्टमैन एक स्मार्ट व्यक्ति हैं। AI को कैसे रेगुलेट किया जाना चाहिए, इस पर उनके अपने विचार हैं। हमारे पास भी भारत में कुछ स्मार्ट दिमाग हैं और हमारे अपने विचार हैं।’

और तो और एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था ‘जब ChatGPT और बार्ड जैसे प्लेटफॉर्म की बात आती है तो कॉपीराइट और एल्गोरिथम को लेकर चिंताएं सामने आती हैं। पूरी दुनिया देख रही है कि AI के लिए रेगुलेटरी सेटअप और फ्रेमवर्क क्या होना चाहिए?