Organophosphorus disease: क्या है ऑर्गनोफॉस्फोरस बीमारी, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर में हुई है 17 मौतें

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Organophosphorus disease
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Organophosphorus disease: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बुधाल गांव में हो रही रहस्यमयी मौतें इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब तक इस गांव में 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 बच्चे शामिल हैं। डॉक्टर्स और विशेषज्ञ इस रहस्यमयी बीमारी के कारणों की जांच में जुटे हैं। कई लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मौतों के पीछे किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण का नहीं बल्कि एक खतरनाक ‘जहर’ का हाथ है। पीड़ितों के सैंपल के विश्लेषण में ‘ऑर्गनोफॉस्फोरस’ नामक कैमिकल पाया गया है। आइए, समझते हैं कि यह ऑर्गनोफॉस्फोरस क्या है और यह कैसे जानलेवा हो सकता है।

क्या है ऑर्गनोफॉस्फोरस? 

ऑर्गनोफॉस्फोरस एक विशेष प्रकार का कैमिकल है, जो फास्फोरस पर आधारित होता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खेती में कीटनाशकों और खरपतवार मिटाने वाले रसायनों के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, यह रासायनिक हथियारों में भी उपयोग किया जाता है। सरीन और VX जैसे रासायनिक युद्ध एजेंटों में भी ऑर्गनोफॉस्फोरस का इस्तेमाल होता है। यह तथ्य इसकी विषाक्तता को दर्शाता है।

Organophosphate Insecticide Toxicity in Neural Development, Cognition, Behaviour and Degeneration: Insights from Zebrafish

कैसे करता है ऑर्गनोफॉस्फोरस इंसानों को प्रभावित? Organophosphorus disease

ऑर्गनोफॉस्फोरस इंसानों के नर्वस सिस्टम पर सीधा प्रभाव डालता है। यह एसिटाइलकोलिनेस्टरेज नामक एंजाइम को रोक देता है, जो नर्व फंक्शन को नियंत्रित करता है। इसके परिणामस्वरूप एसिटाइलकोलाइन नामक न्यूरोट्रांसमीटर नर्व्स में जमा हो जाता है। इससे नसों में लगातार सिग्नल ट्रांसमिशन होता रहता है, जिससे गंभीर शारीरिक प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।

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ऑर्गनोफॉस्फोरस से होने वाले लक्षण

यदि यह कैमिकल किसी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाए, तो निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  1. सांस लेने में कठिनाई: ऑर्गनोफॉस्फोरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। ज्यादा एक्सपोजर से सांस लेने वाली मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
  2. मस्तिष्क पर प्रभाव: यह सिरदर्द, दौरे, बेहोशी और यहां तक कि कोमा जैसी स्थितियां पैदा कर सकता है।
  3. दिल और रक्तचाप पर प्रभाव: यह दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को असामान्य बना सकता है।
  4. पाचन तंत्र: जी मिचलाना, उल्टी और पेट दर्द इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं।
  5. मांसपेशियों में ऐंठन: ऑर्गनोफॉस्फोरस मांसपेशियों में कमजोरी और ऐंठन का कारण बन सकता है।

कैसे होता है ऑर्गनोफॉस्फोरस का संपर्क?

ऑर्गनोफॉस्फोरस का संपर्क मुख्य रूप से निम्नलिखित माध्यमों से हो सकता है:

  1. भोजन के माध्यम से: यदि खाना इस कैमिकल से दूषित हो जाए।
  2. पानी के माध्यम से: यदि पीने के पानी में यह कैमिकल मिल जाए।
  3. सांस के माध्यम से: इस कैमिकल के कणों को सांस के जरिए शरीर में लिया जा सकता है।
  4. त्वचा के माध्यम से: सीधे संपर्क में आने पर यह त्वचा के माध्यम से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है।

बचाव के उपाय

  1. कीटनाशकों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
  2. दूषित भोजन और पानी से बचें।
  3. यदि किसी क्षेत्र में इस प्रकार के कैमिकल का संदेह हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।
  4. श्वसन सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और सीधे संपर्क से बचें।