सरकार ने टेलीविजन चैनलों को लगाई फटकार, कहा- अपनी रिपोर्टिंग ठीक करें

0
303
ministry of information and broadcasting warn TV channel
ministry of information and broadcasting warn TV channel

सुचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निजी टेलीविजन चैनलों को गलत रिपोर्टिंग के लिए फटकार लगाई है। दरअसल, मंत्रालय ने अपने जारी परामर्श में निजी सैटेलाइट चैनलों को नसीहत देते हुए कहा है कि सभी अपनी रिपोर्टिंग ठीक करें। पंत की कार दुर्घटना, शवों की व्यथित करने वाली तस्वीरों के प्रसारण और पांच साल के बच्चे की पिटाई के कवरेज का हवाला देते हुए मंत्रालय ने ये बात कही। साथ ही कानून और संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

ministry of information and broadcasting warned tv channels said editing is not being done in violent videos also presented some examples
ministry of information and broadcasting

‘अप्रिय’ और ‘दिल दहला देने वाला’ कवरेज को लेकर परेशानी

दरअसल, केंद्र सरकार ने सोमवार को क्रिकेटर ऋषभ पंत की सड़क दुर्घटना और कुछ अन्य अपराध की खबरों को लेकर बोला कि ऐसी ‘अप्रिय’ और ‘दिल दहला देने वाला’ कवरेज, टेलीविजन चैनल संबंधित कानून के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता का सख्ती से पालन करते हुए ही करें। सरकार ने कहा- टेलीविजन चैनलों ने व्यक्तियों के शवों और आसपास खून के छींटे, घायल व्यक्तियों के चित्र/वीडियो दिखाए हैं। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित लोगों को बेरहमी से पीटे जाने के शॉट्स करीब से दिखाए हैं।

Anurag Thakur
Anurag Thakur

कई टेलीविजन चैनलों ने किया नियमों का उल्लंघन

सरकार ने जारी परामर्श में आगे कहा- एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटने का और उसके लगातार रोने और चीखने के शॉट्स को लंबे समय तक दिखाया गया, जो कि गलत और भयावह है। इस दौरान शॉट्स को न ही धुंधला किया गया और न ही किसी प्रकार की सावधानी बरती गई। ये भी कहा गया है कि प्रसारकों ने सोशल मीडिया से वीडियो क्लिप और तस्वीरें ली हैं। साथ ही इन क्लिप्स को प्रोग्राम कोड का पालन करते हुए नहीं दिखाया गया।

Anurag Thakur
Anurag Thakur

बता दें कि ऋषभ पंत कार दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें कई जगह चोटें आईं जिसके बाद पुरे सोशल मीडिया और कुछ टेलीविजन चैनलों पर उनकी अप्रिय तस्वीरें दिखाई गई। हालांकि, कई लोगों ने ये निवेदन भी किया था कि उनकी ऐसी तस्वीरें शेयर न करें। सरकार ने भी इसकी जांच की जिसके बाद ये हिदायत सामने आई है।