High Bp Symptoms: हाई ब्लड प्रेशर का क्या है मतलब? कैसे करें ब्लड प्रेशर को कंट्रोल?

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High Bp Symptoms

High Bp Symptoms: मानव के शरीर में रक्त की बहुत बड़ी भूमिका होती है। हमारे पूरे शरीर में अलग-अलग अंगों और कोशिकाओं तक रक्त ही ऑक्सीजन और जरुरी पोषक तत्व पहुँचाता है। रक्त हमारे शरीर के विभिन्न अंगो में लगातार बहता रहता है, चाहे हमारी कोई भी गतिविधि चल रही हो।

हमारे शरीर में रक्त के कार्य

  1. विभिन्न अंगो और ऊतकों को ऑक्सीजन देना।
  2. संदेशवाहक के रुप में काम करना। रक्त के माध्यम से ही हमारे शरीर में हार्मोन्स अलग-अलग अंगों तक संदेश पहुँचाते हैं।
  3. शरीर का तापमान नियंत्रित करना।
  4. शरीर की सभी कोशिकाओं और अंगो को जिस भी पोषक तत्व की जरुरत होती है, वह रक्त के माध्यम से ही पहुँचाए जाते हैं।
  5. यूरिया, कार्बनडाईऑक्साइड और लैक्टिक एसिड को शरीर से बाहर निकालना।

ब्लड प्रैशर क्या होता है ?

हम सभी जानते हैं कि मानव के शरीर में रक्त निरंतर बहता रहता है। रक्त का प्रैशर ही मानव के शरीर का तापमान भी नियंत्रित करता है। शरीर के तापमान के संतुलित होने के लिए शरीर में रक्त का प्रैशर भी कंट्रोल में ही होना चाहिए क्योंकि रक्त के प्रैशर में असंतुलन भी शरीर में एक बीमारी का रुप बन सकता है। अगर शरीर में रक्त का प्रैशर कम होता है तो उसे लो ब्लड प्रैशर कहते हैं और वही प्रैशर अगर तेज हो जाए तो उसे हाई ब्लड प्रैशर कहते हैं।

हाई ब्लड प्रैशर का क्या है मतलब ?

हाई ब्लड प्रैशर शरीर की एक ऐसी स्थिति है, जो शरीर की सभी धमनियों को प्रभावित करती है। इसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं। जैसा कि हम सब जानते हैं कि मानव के शरीर में रक्त की वाहिकाओं में निरंतर बहता रहता है। जब रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह तेज होने के कारण अधिक दबाव होता है, उसे हाई ब्लड प्रैशर की स्थिति कहते हैं।

हाई ब्लड प्रैशर के लक्षण

  • सिर में दर्द और भारीपन होना।
  • साँस फूलना और तेज-तेज सांसे लेना।
  • घबराहट और बैचेनी होना।
  • शरीर में हीट महसूस होना और पसीना आना।
  • हार्ट बीट तेज हो जाना।
  • गुस्सा आना या चिङचिङापन होना।
  • अचानक चक्कर आ जाना।

हाई ब्लड प्रैशर के कारण क्या है?

आजकल के समय में हाई ब्लड प्रैशर की समस्या बहुत ही आम हो चुकी है। पहले केवल वृद्ध व्यक्तियों को ही हाई ब्लड प्रैशर होता था, लेकिन अब युवाओं में भी यह समस्या तेजी से हो रही है। अक्सर सुनने को मिलता है कि अचानक ब्लड प्रैशर बढ जाने से दिल का दौरा पङ जाता है या दिल से जुङी कोई भी बीमारी हो सकती है। मुख्य रुप से हाई ब्लड प्रैशर का करण गलत खान-पान और गलत जीवन शैली है।

हाई ब्लड प्रैशर को तुरंत कैसे कम करें?

  1. अचानक बीपी बढ जाने पर तुरंत एक गिलास नॉर्मल टेंपरेचर का पानी धीरें-धीरे पिएं, इससे शरीर का रक्तचाप कम होता है।

2. सिर में भारीपन महसूस होने पर सिर पर पानी डालकर हल्का सा गीला करें।

3. बार-बार पानी पीकर बार-बार टॉयलेट जाएं, क्योंकि ब्लड प्रैशर बढ जाने से शरीर में अमोनिया की मात्रा बढ जाती है। बार-बार टॉयलेट जाने से शरीर का का अमोनिया बाहर निकल जाता है। जिससे शरीर का रक्तचाप कम होता है।

4. खुली हवा में बैठकर गहरी और लंबी सांसे लें, इससे भी शरीर का ब्लड प्रैशर कंट्रोल होता है।

5. अगर बैचेनी और घबराहट महसूस हो रही हो तो आँखे बंद करके मन और दिमाग को शांत करने की कोशिश करें। इससे भी ब्लड प्रैशर कंट्रोल होता है।

6. शरीर में थोङी-थोङी एक्टिविटी करें। थोङी देर टहलें या हल्की सी स्ट्रैचिंग करें।

7. समय और मौसम ठीक हो तो ठंडे पानी से नहाए।

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