DDCA का बड़ा फैसला: दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के लिए नई समितियों का गठन, बिमल जुल्का बने लीग कमिश्नर
DDCA Forms New DPL Committees: दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में खेल और इवेंट गवर्नेंस को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी पूरी कर ली है। डीडीसीए के एपेक्स काउंसिल (Apex Council) के प्रस्ताव और बीसीसीआई (BCCI) की आधिकारिक मंजूरी के बाद, दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) T-20 के आगामी सीजन को सुचारू और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए नई शक्तिशाली उप-समितियों (Subcommittees) का गठन किया गया है।
South Block Digital पर, हम बड़े प्रोजेक्ट्स, उनके गवर्नेंस और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर का विश्लेषण करते हैं। डीडीसीए द्वारा हाल ही में जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस बार लीग के आयोजन में पारदर्शिता, निष्पक्षता (Ethics) और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। आइए समझते हैं कि इस बार DPL के पीछे कौन सी टीमें काम कर रही हैं।
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DDCA Forms New DPL Committees: DPL संचालन के लिए 3 प्रमुख समितियों का ढांचा
लीग को पूरी तरह से विवादों से दूर और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए तीन अलग-अलग कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
1. ऑर्गेनाइजिंग कमेटी (Organizing Committee)
यह समिति ग्राउंड लेवल पर बुनियादी ढांचे और पूरे टूर्नामेंट के आयोजन की रूपरेखा तैयार करेगी।
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अध्यक्ष (Chairperson): डीडीसीए अध्यक्ष (रोहन जेटली)।
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सदस्य: एपेक्स काउंसिल के कोई भी पांच सदस्य।
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मुख्य जिम्मेदारी: बुनियादी ढांचा (Infrastructure) सुनिश्चित करना, खिलाड़ियों का पूल तैयार करना, फ्रेंचाइजी/टीम मालिकों की पहचान करना और प्रायोजकों (Sponsors) को जोड़ना।
2. गवर्निंग कमेटी (Governing Committee)
लीग के नियम-कायदे और दैनिक संचालन (Day-to-day operations) को नियंत्रित करने के लिए इस कोर कमेटी का गठन किया गया है।
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लीग कमिश्नर (League Commissioner): श्री बिमल जुल्का, IAS (सेवानिवृत्त)।
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डिप्टी लीग कमिश्नर: डॉ. रजनी अब्बी।
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मुख्य जिम्मेदारी: टूर्नामेंट के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और नियम तय करना। साथ ही, यह कमेटी बीसीसीआई के एंटी-करप्शन कोड (Anti Corruption Code) और लोढ़ा समिति की ‘हितों के टकराव’ (Conflict of Interest) नीतियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगी।
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3. लीग प्रोक्योरमेंट कमेटी (League Procurement Committee)
व्यावसायिक पारदर्शिता के लिए सामान और सेवाओं की खरीद का जिम्मा इस कमेटी के पास होगा।
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अध्यक्ष: श्री अशोक शर्मा।
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सह-अध्यक्ष: श्री हरीश सिंगला।
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अन्य सदस्य: श्री टी.वी. रमन, श्री श्याम शर्मा, श्री आनंद वर्मा, श्री विकास कात्याल, श्री विक्रम कोहली, श्री परवेश शर्मा और श्री उंतक गोयल।
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कोरम: किसी भी निर्णय के लिए कम से कम 5 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है, जिसमें अध्यक्ष या सह-अध्यक्ष का होना जरूरी है।
DDCA Forms New DPL Committees: पारदर्शिता और नियम अनुपालन (Compliance) पर विशेष जोर
इस बार डीडीसीए ने साफ कर दिया है कि दिल्ली प्रीमियर लीग के तीसरे सीजन में एथिक्स और इंटीग्रिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कमेटियों को एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, टूर्नामेंट समाप्त होने के दो सप्ताह के भीतर गवर्निंग कमेटी को बीसीसीआई के नियमों के पालन की एक विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।
डीडीसीए का यह कदम यह दिखाता है कि कैसे आधुनिक खेल लीग केवल मैदान पर चौके-छक्के लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके पीछे एक मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और डिजिटल मैनेजमेंट काम करता है।
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FAQs
प्र1. दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के लिए नई गवर्निंग कमेटी का लीग कमिश्नर किसे नियुक्त किया गया है?
उत्तर: सेवानिवृत्त आईएएस (IAS Retd.) अधिकारी श्री बिमल जुल्का को दिल्ली प्रीमियर लीग का नया लीग कमिश्नर नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. रजनी अब्बी को डिप्टी लीग कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।
प्र2. लीग प्रोक्योरमेंट कमेटी का मुख्य कार्य क्या है और इसके लिए क्या कोरम तय किया गया है?
उत्तर: लीग प्रोक्योरमेंट कमेटी DPL के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक सभी प्रकार की खरीद (Procurement) और ठेकों के लिए जिम्मेदार है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या बैठक के लिए कम से कम 5 सदस्यों का कोरम होना अनिवार्य है, जिसमें अध्यक्ष या सह-अध्यक्ष की उपस्थिति जरूरी है।
प्र3. क्या DPL के आयोजन में BCCI के एंटी-करप्शन नियमों का पालन किया जाएगा?
उत्तर: हाँ, आदेश के अनुसार गवर्निंग और ऑर्गेनाइजिंग दोनों कमेटियों को बीसीसीआई एंटी-करप्शन कोड (BCCI Anti Corruption Code) और प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) के न्यूनतम मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
