Sambhal Jama Masjid Violence: संभल जिले में शाही जामा मस्जिद का सर्वे के दौरान कैसे भड़की हिंसा, अब तक 4 लोगों की मौत

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Sambhal Jama Masjid Violence

Sambhal Jama Masjid Violence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार को शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने के दौरान हिंसा भड़क गई। इस घटना में पथराव, आगजनी और फायरिंग के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए। हिंसा में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। परिवारों का आरोप है कि पुलिस की फायरिंग में इनकी जान गई।

घटना का विवरण

रविवार सुबह सर्वे टीम शाही जामा मस्जिद में सर्वे के लिए पहुंची। सुबह लगभग 7:30 बजे टीम ने मस्जिद के अंदर सर्वे शुरू किया, जो पहले एक घंटे तक शांतिपूर्वक चल रहा था। लेकिन अचानक भीड़ जमा हो गई और स्थिति बेकाबू हो गई। अलग-अलग गलियों से करीब एक हजार लोग मस्जिद के पास एकत्र हुए।

पुलिस ने जब भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद हिंसा फैल गई। गाड़ियों में आग लगा दी गई, और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

मौत और परिवारों का आरोप | Sambhal Jama Masjid Violence

हिंसा के दौरान चार लोगों की जान गई। मृतकों में नईम खान, बिलाल और नोमान की पहचान हुई है, जबकि चौथे मृतक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है।

  • नईम खान: परिवार का कहना है कि नईम हिंसा में शामिल नहीं था। वह अपनी दुकान की तरफ रिफाइंड लेने जा रहा था। आरोप है कि सीईओ की मौजूदगी में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली नईम को लगी। घायल नईम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।
  • बिलाल और नोमान: स्थानीय लोगों ने बताया कि ये दोनों लड़के हिंसा के दौरान मस्जिद के पीछे वाली सड़क पर मौजूद थे। वहां पथराव और आगजनी हो रही थी। पुलिस की गोलीबारी में इनकी जान चली गई।

मृतकों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है, और दीवार पर बने गोलियों के निशान पुलिस फायरिंग की पुष्टि कर रहे हैं।

पुलिस पर पथराव और स्थिति की गंभीरता

पथराव में पुलिस टीम को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा उपद्रवियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

सर्वे का उद्देश्य और विवाद

सर्वे टीम का उद्देश्य मस्जिद के अंदर किसी विवादित निर्माण या सामग्री की जांच करना था। लेकिन यह सर्वे, स्थानीय लोगों के मुताबिक, उनके विश्वासों पर हमला माना गया। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में लोग विरोध करने पहुंचे।

स्थानीय प्रशासन का बयान

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

मस्जिद क्षेत्र में तनाव

हिंसा के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, मृतकों के परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।

संभल जिले की यह घटना धार्मिक भावनाओं और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच टकराव का परिणाम है। इसमें चार लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। न्यायिक जांच और पारदर्शिता से ही इस विवाद को हल किया जा सकता है।