बद्रीनाथ और केदारनाथ के बीच बनाने जा रही है दूसरी सबसे लंबी टनल, जानिए क्या है खास

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केदारनाथ और बद्रीनाथ के यात्रीयों के लिए बड़ी खबर। यहां यात्रा के दौरान होने वाली जाम की परेशानी से जल्द ही राहत मिलने वाली है। दरअसल, लंबे समय के इंतजार के बाद बद्रीनाथ एनएच व केदारनाथ एनएच को जोड़ने के लिए रुद्रप्रयाग में 900 मीटर लंबे टनल निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस टनल के निर्माण को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी। लेकिन हाल में ही टनल के निर्माण से जुडी बड़ी खबर सामने आई है।

 

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग इस प्रोजेक्ट को तैयार कर रहा है। रिर्पोटस के मुताबिक, केदारनाथ और बद्रीनाथ हाईवे को आपस में जोड़ने वाली टनल का कार्य ढाई साल के भीतर पूरा होने की समय सीमा भी निर्धारित की गई है। इससे बद्रीनाथ व केदारनाथ की यात्रा ओर सुगम हो जाएगी। वर्षों से इस टनल के निर्माण की मांग उठ रही थी। दरअसल, इस सुरंग के बनने से जहां रुद्रप्रयाग में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, वहीं बद्रीनाथ व केदारनाथ हाईवे सीधे आपस में जुड़ जाएंगे।

 

1 अरब 56 करोड़ रुपये  की लागत

रुद्रप्रयाग नगर को भारी वाहनों के भार से जल्द ही छुट्टी मिलने वाली है क्योंकि यहां टनल के कार्य की तैयारी को तेजी से शुरू कर दिया गया है। बता दे कि चारधाम यात्रा मार्ग में रुद्रप्रयाग में बनने वाली ये टनल सड़क दूसरी सबसे लंबी टनल होगी। भारत सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत के लिए 1 अरब 56 करोड़ रुपये दिए है। इस टू लेन टनल के साथ ही अलकनंदा नदी पर टू लेन का 200 मीटर लंबा पुल का निर्माण होगा।

 

यात्रा मार्ग में सबसे लंबी 4.45 किमी की टनल उत्तरकाशी में गंगोत्री यमुनोत्री को जोड़ने के लिए बन रही है। जिसे बनने में 2.5 साल का समय लग जाएगा। सालों से लटके पड़े इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन हो गया है। इस बाईपास सुरंग और ब्रिज के बनने के बाद रुद्रप्रयाग नगर में एक ओर जहां भारी वाहनों का दबाव कम होगा, वहीं जाम की स्थिति से भी नगर वासियों को छुटकारा मिल जाएगा।