ABVP NEET UG Exam Reforms: प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और संस्थागत सुधार: ABVP ने की उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग
ABVP NEET UG Exam Reforms 2026: 22 जुलाई 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के केंद्रीय कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। नीट-यूजी (NEET-UG) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान उपजी अराजकता को लेकर अभाविप ने अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट किया है।
South Block Digital पर, हम देश के प्रमुख सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक घटनाक्रमों का गहन विश्लेषण करते हैं। अभाविप ने भारत सरकार से मांग की है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, शुचिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत एक उच्च स्तरीय समीक्षा समिति (High-Level Committee) का गठन किया जाए।
आइए समझते हैं कि अभाविप द्वारा जारी इस प्रेस विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु क्या हैं और छात्र हितों को लेकर क्या बड़े सवाल उठाए गए हैं।
1. हिंसक टकराव दुर्भाग्यपूर्ण: संवाद और सुधार ही एकमात्र समाधान
जंतर-मंतर पर नीट-यूजी एवं अन्य शैक्षणिक मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हुई हिंसा, अराजकता और सुरक्षाबलों के साथ हुए टकराव पर अभाविप ने गहरा दुख जताया है।
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अराजक तत्वों की निंदा: अभाविप का मानना है कि विद्यार्थियों के न्यायोचित आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक और राजनीतिक स्वार्थी तत्वों ने हिंसा फैलाने का प्रयास किया है।
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सहानुभूति व अपेक्षा: प्रदर्शन के दौरान चोटिल हुए विद्यार्थियों और सुरक्षाकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए संगठन ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
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सार्थक समाधान: छात्रों की समस्याओं का हल केवल सार्थक संवाद, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधारों (Institutional Reforms) के जरिए ही संभव है, न कि सड़कों पर अराजकता से।
ABVP NEET UG Exam Reforms 2026
2. उच्च स्तरीय समिति का गठन करे भारत सरकार (ABVP NEET UG Exam Reforms 2026)
नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ अभाविप ने शुरुआत से ही छात्रों का पक्ष लेने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि उन्होंने ही सबसे पहले केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
अब अभाविप ने केंद्र सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
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समीक्षा समिति: परीक्षा प्रणाली के सभी आयामों की गहन समीक्षा के लिए तुरंत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन हो।
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समयबद्ध सुझाव: यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने के लिए एक तय समय-सीमा के भीतर अपने सुझाव प्रस्तुत करे।
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कठोर कार्रवाई: परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं।
3. “संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों का माध्यम न बनें छात्र”
प्रेस विज्ञप्ति में अभाविप ने छात्रों और युवाओं को आगाह किया है कि वे अपनी जायज़ मांगों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक एजेंडे या देश में अस्थिरता फैलाने के लिए न होने दें।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा:
“छात्रशक्ति का उपयोग किसी राजनीतिक एजेंडे या भारत की एकता, अखंडता व सामाजिक समरसता के विरुद्ध कार्य करने वाली शक्तियों के हितों की पूर्ति के लिए नहीं होने दिया जा सकता। ऐसे कुप्रयास ‘दीप स्टेट’ (Deep State) जैसे भारत-विरोधी तंत्रों को अप्रत्यक्ष बल प्रदान करते हैं, जो देश की आंतरिक स्थिरता को कमजोर करने का अवसर तलाश रहे हैं।”
अभाविप ने सभी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षाविदों और समाज से अपील की है कि वे सकारात्मक, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक माहौल बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं और किसी भी भड़कावे का शिकार न बनें।
ABVP NEET UG Exam Reforms 2026
FAQs
प्र1. अभाविप ने नीट-यूजी (NEET-UG) और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए सरकार से क्या मांग की है?
उत्तर: अभाविप ने भारत सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों की समीक्षा के लिए तुरंत एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) गठित करने की मांग की है, जो समयबद्ध सुधार के सुझाव दे सके।
ABVP NEET UG Exam Reforms 2026
प्र2. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और हिंसक टकराव पर अभाविप का क्या रुख है?
उत्तर: अभाविप ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और अराजकता को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका मानना है कि विद्यार्थियों के मुद्दों का समाधान केवल सार्थक संवाद, संवेदनशीलता और प्रशासनिक सुधारों से हो सकता है, हिंसक टकराव से नहीं।
प्र3. अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने छात्रों से क्या अपील की है?
उत्तर: डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने छात्रों से अपील की है कि वे अपनी न्यायोचित मांगों का उपयोग किसी संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ, देशविरोधी एजेंडे या समाज में अस्थिरता फैलाने के लिए न होने दें और शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक माध्यमों से ही अपनी बात रखें।
