अटैक vs कार्डियक अरेस्ट : उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी

0
367

ये आम व्यक्ति के लिए थोड़ा असामान्य होता है समझना की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट भिन्न है। हार्ट अटैक का ये कोई पर्याय नहीं है।

कार्डिक अरेस्ट दिल से जुडी कोई लम्बी बीमारी नहीं है, परन्तु इसमें  हृदय खून का संचार बंद ही कर देता है यानि हृदय रक्त पंप करने में विफल हो जाता है। जब दिल की पंपिंग क्रिया बाधित होती है तब हमारा हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े और अन्य अंगों में रक्त पंप नहीं कर पता या अक्षम हो जाता है। अगर कार्डियक अरेस्ट पीड़ित व्यक्ति को समय रहते इलाज नहीं मिलता तो कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है, ऐसा होने के उपरान्त पीड़ित व्यक्ति को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) दिया जाता है।

कैसे बचे:

वजन सामान्य रखे

ध्रूम पान का सेवन रोक दे

हेअल्थी डाइट अपने दिनचर्या में लें

स्ट्रेस लेवल काम करें

प्रतिदिन व्यायाम करें

जब हार्टअटैक होता है तो ऐसे में अचानक ही हृदय की किसी मांसपेशी में खून का संचार रुक जाता है।

जब शरीर की नसों में खून का प्रवाह सुचारु रूप से नहीं हो पाता है तो ऐसे में खून जमने की समस्या या क्लॉटिंग होना शुरू हो जाती है। इस क्लॉटिंग की वजह से खून हृदय तक पहुँचने में असमर्थ होता है। इसी के साथ हृदय को ऑक्सीजन मिलनी बंद हो जाती है। यह स्थिति हार्ट अटैक की होती है।

लक्षण : सीने में भारीपन, दर्द, दबाव, जकड़न महसूस होना ये लक्षण आता जाता रहता है लेकिन कुछ मिनटों से अधिक समय तक रहता है।

हार्ट पीड़ित व्यक्ति को नमक का सेवन काम करना चाहिये।  प्रतिदिन एक सेब का सेवन जरूर करें।

हार्ट पीड़ित व्यक्ति को नमक का सेवन काम करना चाहिये।  प्रतिदिन एक सेब का सेवन जरूर करें।

खाने में वासा की कटौती करें।

महिलाओं में थोड़ा भिन्न होता है हार्ट अटैक

जाने महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण:  सीने में दर्द, कमजोरी, दबाव पड़ना, सिकुड़ा हुआ महसूस करना, अत्यधिक और असामान्य थकान होना, बेहोसी, सिर चकराना, हल्का महसूस करना, सांस लेने में तकलीफ, ऊपरी शरीर में दर्द (गर्दन, जबड़ा, ऊपरी पीठ या हाथ में दर्द, पेट में दर्द या जी मचलाना, अनिंद्रा) ।